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अर्थसंकल्प मंजुरी के लिए पालिका सभागृह में चर्चा की सुरुवात



मुंबई , हिन्दुस्तान की आवाज, मोहम्मद मुकीम शेख

मुंबई के झोपडपट्टी में रहने वाले निवासियों से मालमत्ता कर वसूल किये जाने का पालिका प्रशासन का प्रस्ताव है, मात्र यह प्रस्ताव पालिका प्रशासनने लाया तो उसका काँग्रेस पार्टी तीव्र विरोध करेगी यह चेतावनी मुंबई पालिका में विरोधी पार्टी नेता रवी राजा ने दिया है. मुंबई महापालिका का 2017-18 अर्थसंकल्प बजट पालिका सभागृह में मंजुरी के लिए प्रशासनने पेश किया है उसपर मंगलवार से चर्चा की सुरुवात की गयी है. उक्त अवसरपर रवी राजा बोल रहे थे.


बता दे की मुंबई महापालिका का बजट ठोस प्रावधान किया जाता है, मात्र मुंबईकरो को पूरी नागरिक सुविधा नही. आरोग्य, शिक्षण, रस्ते आदी नागरीक सुविधाओ स्थिती दयनीय है. किये जाने वाले करोड़ो रूपये के खर्चो का क्या हुवा, इसका उत्तर सत्ताधारियो को देना चाहिए यह कहते हुवे व इस साल का बजट उदासिन करनेवाला है यह आरोप टीका रवी राजा ने किया. बजट का प्रावधान और उसको अमल में लाने के बारे में प्रशासन का ध्यान खीचा है. इस साल का 2017-18 का बजट 25 हजार 141 करोड़ रुपये का है. पिछले वर्ष 2016-17 का बजट 37 हजार करोड़ रूपये का था. जिसका सुधारकर 24 हजार करोड़ का किया गया था. इस साल बजट के प्रावधान को काटकर 11 हजार 911 करोड़ रुपया कम किया गया है. इस साल का बजट पालिका सभागृह में आने के पहले उस पर अमल किये जाने की सुरुवात हुई है. प्रशासन - आयुक्त के बिच पहले ही मंजूर हुवा है अब इसपर चर्चा करना यह केवळ औपचारिकता है. इसलिए चर्चा के दरम्यान आने वाले सूचनाओ का कुछ भी अर्थ नही यह रवी राजा ने कहा.


मुंबई महापालिका के बजट के खर्चो के बारे में पूछनेपर संबंधित अधिकारी ने - लेखा परीक्षक (वित्त विभाग) के पास जानकारी लेने के लिए कहा, लेखा परीक्षक विभागसे इस बारे में पूछने पर सीधे आयुक्त से बात करे यह कहा. बजट में पारदर्शकता यह शब्द अनेकबार उल्लेख किया है. फिर यही पारदर्शकीता है क्या ? यह प्रश्न रवी राजा ने पूछा. बजट में स्वास्थपर 3 हजार करोड़ रूपये का सबसे अधिक प्रावधान किया गया है, मात्र पालिका अस्पतालों की स्थिती दयनीय है. अबतक इतने बड़े पैमानेपर खर्च करने के बावजूद भी फेलने वाली बीमारियों पर प्रशासन को नियंत्रण करने में असफलता हुई है, करोड़ो रुपयों का क्या किया जाता है इसका उत्तर प्रशासन और इतने वर्षो से सत्ता में रहने वालो मुंबईकरो को दे, यह चेतावनी इस समय किया. शिक्षण, पानी, कचरों को नष्ट करना, रस्ते, वाहतूक व्यवस्था आदी समस्या सदेव आती है. करोड़ो रुपयों का खर्च पानी में जाती है, इसमें सुधार कब तक होगा यह प्रश्नभी उन्होंने किया. पंपिंग स्टेशन करोड़ो रुपये खर्च किया गया, मात्र फिर भी अभी पानी भरा इसकी तरफ उन्होंने सभागृह का ध्यान खीचा.

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