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छुट्टा  पैसे चाहिए तो हम देगे तर , भाजपा गटनेता का  पालिका सभागृह में बयान
महासभा में विरोधियो का हंगामा
मुंबई शुक्रवार ( मोहम्मद मुकीम शेख ) –     ५०० और १००० रूपये की  नोट बंद होनेपर  सरकार पर आरोप लगने पर शुक्रवार को  पालिका सभागृह में भाजपा के गटनेता मनोज कोटक ने तुम्हे छुट्टा पैसा  चाहिये तो हमारे पास से लो यह कहने पर विरोधियो ने हंगामा किया. इस हंगामे के बाद   महासभा स्थगित की गयी. भाजपा के पास छुट्टा पैसा कहा से आया ? उन्होंने पहले ही काला का सफेद किया ? यह सवाल पालिकाके विरोधी दलनेता  प्रवीण छेडा ने सभा स्थगित होने के बाद लिये गए पत्रकार परिषद में किया.
      बेळगाव महापालिकाके महापौर व उपमहापौर के नामफलक को कालिख पोतने की घटना और  कर्नाटक सरकार के तरफ से मराठी व्यक्तियों बनाया गया केस के विरोध में महापालिका की सभागृहनेता तृष्णा विश्वासराव ने सभा स्थगित किये जाने का प्रस्ताव रखा था. उस स्थगितपर   भाषण सुरू होने के समय ही   भाजपा के गटनेता मनोज कोटक ने " छुट्टा पैसा चाहिये तो देता हु  " यह कहने पर, इसी बात को लेकर विरोधियो ने हंगामा किया . भाजपा के पास छुट्टा पैसा कहा से आया ? यह सवाल विरोधी दलनेता  छेडा के शाथ  विरोधी पार्टी के  नगरसेवको ने करते हुवे  महापौर के आसन के सामने घेराव किया. उक्त समय  " बीजेपी चोर है , ऐसी नारेबाजी विरोधियो ने लगाया. और "नरेंद्र मोदी जिंदाबाद " का नारा  भाजपा के नगरसेवकों द्वारा लगाया गया. जिसके चलते  सभागृह में एक ही हंगामा हुवा. इस हंगामा में  बेळगावका सवाल पीछे छूट जाने की तस्वीर दिखाई पड़ी . बाद में महापौर में सभा स्थगित किया. इस दरम्यान विरोधी दल नेता छेडा ने पत्रकार परिषद लेकर  शिवसेना व भाजपा पर टीका किया. छुट्टा पैसा लेने के लिए आम नागरिकों को   ३ से  ४ घन्टे कतार में खड़े रहना पड़ता है. जिसकी पीड़ा नागरिको को हो रही है. मात्र उसके बारे में  शिवसेना और भाजपा एक शब्दभी कहते नही दिख रही है. कतार में  तीन घन्टे खड़े रहने वाले आम नागरिकों की भावना यह बात कष्टदायक है,  यह छेडा ने कहा. भाजपा के पास छुट्टा पैसा कहा ? इसका स्पष्टीकरण भाजपा कर यह मांग भी उन्होंने किया.
शिवसेना की दुहरी भूमिका
बेळगाव में मराठी व्यक्तियों पर अन्याय होने से  शिवसेना ने स्थगित का प्रस्ताव रखा . जिसका काँग्रेसने भी  समर्थन दिया. मात्र मुंबईमें मराठी व्यक्तियों पर  अन्याय हो रहा है. महापालिकाके मराठी मजदूरों को नोकरी से कम किया जाता है उसपर  शिवसेना कुछ भी नही कह रही है.मराठी व्यक्तियों को शिववडापाव की गाड़ियां  सुरू करवाकर दिया लेकिन उन्हें नियमित करने में  शिवसेना अशफल हुई है . मराठी व्यक्तियों के बारे में  शिवसेना की दुहरी भूमिका करने का आरोप छेडा ने किया है.

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