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महाराष्ट्र के भाजपा नेता और पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे आज भी बंगले के मोह में हैं। मंत्री पद जाने के बाद भी खडसे ने सरकारी निवासस्थान वाला ' रामटेक' बंगला छोड़ा नहीं हैं और उनपर रु 15.50 लाख का बकाया होने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को सार्वजनिक निर्माण विभाग ने दी हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे को आबंटित किया सरकारी बंगला 'रामटेक' की जानकारी मांगी थी। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने अनिल गलगली को बताया कि राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे ने अब तक 'रामटेक' बंगला वापस नहीं लौंटाया हैं। 4 जून 2016 को इस्तीफे के बाद उन्हें 19 जून 2016 को बंगला रिक्त करना जरुरी थी। पूर्व मंत्रियों को प्रथम 15 दिन सरकारी निवासस्थान मुफ्त होता हैं उसके बाद 3 महीने के लिए सरकारी अनुमति से प्रति वर्ग फुट रु 25/- और उसके बाद आगामी  3 महीने के लिए रु 50/- इतना दंड निश्चित किया हैं। अनिल गलगली की आरटीआई के बाद सरकार ने खडसे को 3 महीने की अनुमति दी थी। पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे जिस 'रामटेक' बंगले में रहते थे उसके इस्तेमाल पर दिनांक 19 नवंबर 2016 तक का बकाया रु 15,49, 975/- हैं।   सार्वजनिक निर्माण विभाग के मलबार हिल सेवा केंद्र ने दिनांक 17 नवंबर 2016 को सूचित किया हैं कि ना.दा. मार्ग स्थित सरकारी बंगला 'रामटेक'  एकनाथ खडसे, पूर्व मंत्री ने दिनांक 19 नवंबर 2014 को अपने अधिकार में लिया हैं। आज तक बंगले को रिक्त कर उसे सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपा नहीं गया हैं। अनिल गलगली के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग सरकारी निवासस्थान आबंटित करता हैं तो उस बंगले को रिक्त करने की सर्तकता उसी विभाग से लेने की जरुरत होते हुए वे इसे नजरअंदाज करते हैं। खडसे की बकाया राशि उनके वेतन से वसूल करने की मांग अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे हुए पत्र में करते हुए लापरवाही बरतने वाले संबधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की हैं ताकि भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी।

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